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घर पर बहुत आसानी से बना सकते गोमती चाय है; पेट साफ और डाइजेशन ठीक करती है। खुशबूदार चाय का जादू; यहाँ से देखिये पूरी जानकारी

घर पर बहुत आसानी से बना सकते गोमती चाय है; पेट साफ और डाइजेशन ठीक करती है। खुशबूदार चाय का जादू; यहाँ से देखिये पूरी जानकारी
image source: Image Credit - Canva
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Sarita22 फ़रवरी 2026

आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में सुबह उठते ही सबसे पहले क्या चाहिए? एक गर्मागर्म कप चाय, है ना? लेकिन अगर बात हो गोमती चाय की, तो ये कोई साधारण चाय नहीं है। ये एक खास तरह की चाय है, जो लेमनग्रास (लेमन ग्रास) से बनती है और पीते ही मन को ताज़गी और सुकून दे देती है। असल में गोमती चाय को बहुत से लोग गवती चाय या गवती चहा भी कहते हैं। ये महाराष्ट्र, केरल और कुछ जगहों पर बहुत पॉपुलर है। लेमनग्रास एक तरह की घास है, जिसकी पत्तियां नींबू जैसी खुशबू देती हैं। इसे "हरी चाय की पत्ती" भी बोलते हैं। जब इसे चाय में डालकर उबालते हैं, तो पूरा घर महकने लगता हैऐसा लगता है जैसे कोई नींबू-हल्की मिट्टी की महक हवा में घुल गई हो।

गोमती चाय कैसे बनती है? घर पर बहुत आसानी से बना सकते हो। बस ये चीज़ें चाहिए:

ताज़ी लेमनग्रास की 8-10 पत्तियां (या सूखी भी चलेगी)

अदरक का एक छोटा टुकड़ा (कुटी हुई)

1-2 चम्मच चाय पत्ती

दूध (जितना पसंद हो)

चीनी स्वादानुसार

पानी 2 कप

सबसे पहले पानी में लेमनग्रास की पत्तियां और अदरक डालकर अच्छे से उबाल लें। 4-5 मिनट बाद चाय पत्ती डाल दो। खुशबू आने लगेगी। फिर दूध और चीनी डालकर एक उबाल और ले लो। छानकर गर्म-गर्म कप में डालो। बस! एक सिप लेते ही मुंह में नींबू जैसा फ्रेश स्वाद और हल्की मिठास फैल जाएगी। कुछ लोग इसे बिना दूध के भी पीते हैंसिर्फ पानी, लेमनग्रास और थोड़ी चीनी। इसे हर्बल गोमती चाय कहते हैं।

गोमती चाय के फायदे क्या हैं?

ये चाय सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, सेहत के लिए भी कमाल की है:

 पेट साफ रखती है और डाइजेशन ठीक करती है।

 इम्यूनिटी बढ़ाती है, यानी बीमारियां कम आती हैं।

 तनाव और थकान दूर करती है।

 वजन कंट्रोल करने में मदद करती है, क्योंकि ये फैट बर्न करने में सहायक होती है।

 सिरदर्द और बॉडी पेन में भी आराम देती है।

सर्दियों में तो ये चाय कमाल कर देती है। गले की खराश हो या सर्दी-जुकाम, एक कप पीकर तुरंत राहत मिलती है

अंत में जरुरी बात

लखनऊ में गोमती नदी के किनारे कुछ चाय वाले तंदूरी चाय या लेमन चाय देते हैं, लेकिन असली गोमती चाय (लेमनग्रास वाली) घर पर या हर्बल चाय की दुकानों पर ज़्यादा मिलती है। आजकल मार्केट में रेडीमेड लेमनग्रास टी बैग भी जाते हैं, लेकिन ताज़ी पत्तियों वाली चाय का मज़ा ही अलग है। अगर आपके घर के आसपास लेमनग्रास का पौधा हो जाए, तो रोज़ ताज़ी चाय बन सकती है। ये पौधा लगाना भी बहुत आसान हैगमले में डाल दो, पानी देते रहो, बढ़ता चला जाएगा। तो दोस्तों, अगली बार जब चाय बनाने का मन हो, तो थोड़ा लेमनग्रास ट्राई करके देखना। एक बार पी लोगे तो पुरानी वाली चाय थोड़ी फीकी लगने लगेगी। गोमती चाय पीकर दिन की शुरुआत करो, मन हल्का और दिन अच्छा बीतेगाविशेषज्ञ की सलाह- अगर आपको कोई पुरानी गंभीर बीमारी है, विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें हमेशा प्रतिष्ठित संस्थानों के लिटरेचर या वीडियो को ही फॉलो करें।


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