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MHQ (मेंटल हेल्थ कोशेंट) क्या कभी ज्यादा चिंता करने पर आपके पेट में दर्द होने लगा हो या नींद उड़ गई हो? यह श्रेणी इसी बात को मापती है

MHQ (मेंटल हेल्थ कोशेंट) क्या कभी ज्यादा चिंता करने पर आपके पेट में दर्द होने लगा हो या नींद उड़ गई हो? यह श्रेणी इसी बात को मापती है
image source: AI
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Sandeep Vidyarthi31 अगस्त 2026

ज़रा सोचिए, जब आपको बुखार होता है या शरीर में कोई दर्द होता है, तो आप तुरंत थर्मामीटर निकालते हैं या डॉक्टर के पास जाकर ब्लड टेस्ट करवाते हैं। आपको तुरंत पता चल जाता है कि आपके शरीर में क्या खराबी है। लेकिन, जब आपका मन उदास होता है, आपको बेवजह घबराहट होती है, या आप किसी काम पर फोकस नहीं कर पाते, तब आप क्या करते हैं? हमारे पास अपने मन के बुखार को नापने का कोई आम थर्मामीटर नहीं है।

हम सभी ने IQ (Intelligence Quotient) के बारे में बहुत सुना है, जो हमारी बुद्धिमत्ता को मापता है। पिछले कुछ सालों में EQ (Emotional Quotient) यानी भावनात्मक समझ की भी खूब चर्चा हुई है। लेकिन क्या आपने कभी MHQ यानी मेंटल हेल्थ कोशेंट के बारे में सुना है?

MHQ (मेंटल हेल्थ कोशेंट) क्या है?

सरल शब्दों में कहें तो, MHQ किसी भी व्यक्ति के समग्र मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य और मानसिक कार्यप्रणाली को मापने का एक वैज्ञानिक पैमाना है  यह सिर्फ यह नहीं देखता कि आपको कोई मानसिक बीमारी है या नहीं, बल्कि यह आपकी भावनाओं, विचारों, व्यवहार और सामाजिक संबंधों की गहराई को मापता है।

पारंपरिक मनोविज्ञान में, अक्सर व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को तब मापा जाता था जब वह डिप्रेशन, एंग्जायटी या किसी अन्य मानसिक विकार का शिकार हो जाता था। लेकिन MHQ की अप्रोच बिल्कुल अलग है। यह बीमारी पर फोकस करने के बजाय आपकी ताकत और लचीलेपन पर भी ध्यान देता है।  यह बताता है कि आप अपनी भावनाओं को कैसे संभालते हैं, तनाव का सामना कैसे करते हैं, और अपने जीवन में कितने खुश और उत्पादक हैं।

MHQ इस बात का सूचकांक है कि आपकी मानसिक स्थिति आपको जीवन की चुनौतियों का सामना करने और एक खुशहाल जीवन जीने में कितनी मदद कर रही है।

MHQ की शुरुआत किसने और क्यों की?

MHQ का विकास Sapien Labs नाम की एक गैर-लाभकारी संस्था ने किया है, जो विश्व स्तर पर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को समझने के लिए काम कर रही है।  इसे मेंटल हेल्थ मिलियन प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य दुनिया भर के लाखों लोगों के मानसिक स्वास्थ्य का डेटा इकट्ठा करके यह समझना है कि हमारी आधुनिक जीवनशैली हमारे दिमाग को कैसे प्रभावित कर रही है।

इसे बनाने के लिए दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले 126 मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सकीय टूल्स (जो DSM-5 पर आधारित हैं) के लक्षणों और पैमानों का गहराई से अध्ययन किया गया।  इसके बाद एक ऐसा ऑनलाइन, गुमनाम असेसमेंट टूल तैयार किया गया, जिसे कोई भी आम इंसान आसानी से इस्तेमाल कर सके।  यह टूल न सिर्फ नकारात्मक लक्षणों (जैसे उदासी, डर) को मापता है, बल्कि सकारात्मक मानसिक गुणों (जैसे आत्मविश्वास, प्रेरणा) को भी अपनी कैलकुलेशन में शामिल करता है।

MHQ का पैमाना- डिस्ट्रेस्ड से थ्राइविंग तक

अगर आप अपना MHQ टेस्ट लेते हैं, तो आपको एक स्कोर मिलता है, जो -100 से लेकर +200 तक हो सकता है।  यह स्कोर आपको एक स्पेक्ट्रम पर रखता है। आइए इसे थोड़ा और विस्तार से समझते हैं।

-100 से 0 (तनावग्रस्त)- अगर किसी का स्कोर इस श्रेणी में आता है, तो इसका मतलब है कि व्यक्ति गंभीर मानसिक तनाव या किसी मानसिक विकार के लक्षणों से जूझ रहा है। ऐसे लोगों को रोज़मर्रा के काम करने में भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है और उन्हें पेशेवर मदद की सख्त जरूरत होती है।

0 से 50 (संघर्षरत)- इस श्रेणी के लोग अपना जीवन तो जी रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर वे काफी संघर्ष कर रहे हैं। छोटी-छोटी परेशानियां उन्हें विचलित कर देती हैं।

50 से 100 (सहनशील)- ये वो लोग हैं जो बस दिन काट रहे हैं। वे ठीक-ठाक महसूस करते हैं, लेकिन जीवन में उत्साह या खुशी की कमी होती है।

100 से 150 (प्रबंधित)- इस स्कोर वाले लोग मानसिक रूप से स्वस्थ माने जाते हैं। वे तनाव को अच्छे से हैंडल कर लेते हैं और अपने काम व रिश्तों में संतुलन बनाए रखते हैं।

150 से 200 (संपन्न)- यह MHQ का सर्वोच्च स्तर है। ऐसे लोग मानसिक रूप से बेहद मजबूत होते हैं। वे न सिर्फ अपने जीवन में खुश और संतुष्ट होते हैं, बल्कि मुश्किल समय में भी अपनी सकारात्मकता नहीं खोते।

MHQ के 6 मुख्य स्तंभ

MHQ केवल एक ही चीज़ पर आधारित नहीं है। हमारे मानसिक स्वास्थ्य के कई आयाम होते हैं। MHQ असेसमेंट इंसान के मानसिक स्वास्थ्य को 6 प्रमुख श्रेणियों में बांटकर मापता है

मूड और दृष्टिकोण

यह इस बात को मापता है कि आप दुनिया को और अपने भविष्य को किस नज़र से देखते हैं। क्या आप आमतौर पर आशावादी रहते हैं? क्या आप अपनी भावनाओं को अच्छे से नियंत्रित कर पाते हैं? एक अच्छा स्कोर बताता है कि आप अपनी भावनाओं के गुलाम नहीं हैं, बल्कि आप उन्हें समझते और संभालते हैं।

सामाजिक आत्म

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। यह स्तंभ मापता है कि आप दूसरों के साथ कैसे जुड़ते हैं। क्या आप आसानी से दोस्त बना पाते हैं? क्या आपको लोगों के बीच होने पर आत्मविश्वास महसूस होता है या आप खुद को कमतर आंकते हैं? एक मजबूत सोशल सेल्फ अच्छे मानसिक स्वास्थ्य की निशानी है।

ड्राइव और प्रेरणा

क्या सोमवार की सुबह उठकर आपको काम पर जाने का मन करता है? क्या आपके जीवन में कुछ लक्ष्य हैं जिन्हें आप पाना चाहते हैं? यह श्रेणी आपकी इच्छाशक्ति, ऊर्जा और जीवन के प्रति आपके जुनून का मूल्यांकन करती है। अगर आपका मानसिक स्वास्थ्य अच्छा नहीं है, तो सबसे पहले आपकी प्रेरणा खत्म होने लगती है।

संज्ञान और कार्यकारी कार्य

यह आपके दिमाग की कार्यक्षमता से जुड़ा है।  क्या आप एक साथ कई काम बिना घबराए कर सकते हैं? क्या आप आसानी से ध्यान केंद्रित कर पाते हैं? क्या आपको चीज़ें याद रखने में दिक्कत तो नहीं होती? तनाव और एंग्जायटी हमारी सोचने-समझने की क्षमता पर सीधा वार करते हैं।

अनुकूलनशीलता और लचीलापन

जीवन कभी भी एक समान नहीं चलता। परेशानियां आनी तय हैं। यह पिलर मापता है कि जब आप गिरते हैं, तो कितनी जल्दी वापस उठ खड़े होते हैं। क्या बदलाव आपको डराता है, या आप नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को आसानी से ढाल लेते हैं?

मन-शरीर का संबंध

हमारा शरीर और मन आपस में गहरे जुड़े हुए हैं।  क्या कभी ऐसा हुआ है कि ज्यादा चिंता करने पर आपके पेट में दर्द होने लगा हो या नींद उड़ गई हो? यह श्रेणी इसी बात को मापती है कि आपका मानसिक तनाव आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर कितना असर डाल रहा है।

आज के समय में MHQ जानना क्यों महत्वपूर्ण है?

शायद आप सोच रहे हों कि मुझे तो कोई मानसिक बीमारी नहीं है, फिर मुझे इसके बारे में जानने की क्या जरूरत है? यही वह सोच है जिसे MHQ बदलना चाहता है।

आधुनिक समाज में हम सभी पर लगातार एक दबाव बना रहता है। चाहे वह पढ़ाई का प्रेशर हो, नौकरी की डेडलाइन्स हों, आर्थिक चिंताएं हों या फिर सोशल मीडिया पर दूसरों की परफेक्ट लाइफ देखकर होने वाली जलन।  ये सभी चीजें धीरे-धीरे हमारे मानसिक स्वास्थ्य को खोखला करती हैं।

MHQ हमें यह समझने में मदद करता है कि हम मानसिक स्वास्थ्य के स्पेक्ट्रम पर कहां खड़े हैं। शोध बताते हैं कि जिन लोगों का MHQ अधिक होता है, उनके आपसी रिश्ते बेहतर होते हैं, वे अपने करियर में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, और उनमें मानसिक बीमारियां होने का खतरा बहुत कम होता है।  अपना स्कोर जानने से आप समस्या के गंभीर होने से पहले ही जरूरी कदम उठा सकते हैं। यह आपको आईना दिखाता है कि आपके जीवन के किस पहलू (जैसे- मूड, सामाजिक जीवन, या प्रेरणा) पर आपको काम करने की जरूरत है।

अपना चेक करने के लिए यहाँ क्लिक करें 

आप अपना MHQ कैसे सुधार सकते हैं?

अगर आपको लगता है कि आप मानसिक रूप से थके हुए हैं या आपका मानसिक स्वास्थ्य अपने सर्वोत्तम स्तर पर नहीं है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। MHQ कोई स्थिर चीज़ नहीं है; सही दिशा में प्रयास करने से इसे काफी सुधारा जा सकता है

डिजिटल डिटॉक्स करें- सोशल मीडिया और स्क्रीन टाइम हमारे दिमाग को बहुत ज्यादा उत्तेजित करते हैं। सोने से कम से कम एक घंटा पहले अपने सभी गैजेट्स बंद कर दें।

माइंडफुलनेस और ध्यान- खुद को वर्तमान में जीना सिखाएं। गहरी सांसों के व्यायाम और ध्यान आपके मूड और दृष्टिकोण को बेहतर बनाने में अद्भुत काम करते हैं।

शारीरिक गतिविधि- व्यायाम केवल शरीर के लिए नहीं, बल्कि दिमाग के लिए भी जरूरी है। जब आप कसरत करते हैं, तो आपका शरीर एंडोर्फिन नामक हैप्पी हार्मोन छोड़ता है, जो सीधे तौर पर आपके मन-शरीर के संबंध को मजबूत करता है।

सामाजिक संबंध मजबूत करें- अकेलेपन से बचें। अपने परिवार, दोस्तों और प्रियजनों के साथ समय बिताएं। अगर आप अपनी बातें किसी से साझा करते हैं, तो आपका सोशल सेल्फ मजबूत होता है।

पेशेवर मदद लेने में न हिचकिचाएं- जिस तरह दांत दर्द होने पर हम डेंटिस्ट के पास जाते हैं, उसी तरह मन के लगातार उदास रहने पर किसी काउंसलर या थेरेपिस्ट से बात करना समझदारी है।

 

अंत मेंजरुरी बात

मैं यही कहना चाहूंगा कि मानसिक स्वास्थ्य कोई मंज़िल नहीं है, बल्कि जीवन भर चलने वाली एक यात्रा है। MHQ हमें एक आधुनिक, वैज्ञानिक और समग्र नज़रिया देता है यह समझने का कि हम भीतर से कितने स्वस्थ हैं। यह सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति का नाम नहीं है, बल्कि जीवन को उसकी पूरी क्षमता के साथ, खुशी और ऊर्जा के साथ जीने का नाम है।   इसलिए, अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दें। आखिर, एक स्वस्थ मन ही एक खुशहाल जीवन की नींव होता है।

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